Mountain Ranges in Himachal Pradesh

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mountain ranges in himachal pradesh

हिमाचल को 3 क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है. लघु हिमालय, मध्य हिमालय,बृहद हिमालय. यहाँ हम आपको mountain ranges in himachal pradesh की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं.

Shivalik Hills

शिवालिक या लघु हिमालय :- इसका पुराना नाम मैनाक पर्वत था . समुद्रतल से इसकी ऊँचाई 350 मीटर से 1500 मीटर तक है. इस क्षेत्र में औसतन वर्षा 1500 मिलीमीटर से 1800 मिलीमीटर तक होती है. शिवालिक का नाम भगवान शिव से जुड़ा हुआ है. शिवालिक का अर्थ है- शिव कि अलका यानी शिव कि जटाएं. इसका पुराना नाम ‘मैंनाक पर्वत‘ था. इस श्रखंला में सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, जिला के क्षेत्र आते हैं.

Inner Himalya

मध्य हिमालय :- समुद्रतल से इसकी ऊँचाई 1500 मीटर से 4500 मीटर अर्थात 4500 फुट से 13500 फुट है. धौलाधार तथा पीरपंजाल इस क्षेत्र की पर्मुख श्रृंखलाएं हैं. इस क्षेत्र कि कुछ प्रमुख श्रंखलायें हैं.

Dhauladhar

धौलाधार : यह पर्वत श्रंखला बाहरी हिमालय से बद्रीनाथ के पास छुटती है. सतलुज नदी इसे रामपुर के पास तथा लारजी नामक स्थल पर ब्यास नदी इसे काटती. जिला शिमला, कुल्लू, काँगड़ा, से होते हुए चंम्बा के दक्षिण-पश्चिम तक चली जाती है. जहां इसे रावी नदी काटती है. बड़ा बंगाल के पास इसका उत्तरी हिस्सा पीरपंजाल पर्वत श्रृंखला से टकराता है. बर्फ से ढके रहने के कारण इसे ‘श्वेत श्रृंखला‘ का नाम दिया गया है. धौलाधार पर्वत श्रृंखला बाहरी हिमालय पवर्त श्रृंखला से अलग हो जाती है. यह पर्वत श्रृंखला ‘खेडी‘ नामक स्थान पर हिमाचल में प्रवेश करती है. इसकी समुद्रतल से ऊँचाई 3050 से 4570 मीटर तक जाती है.

Pir Panjal

पीरपंजाल : यह लघु हिमालय कि सबसे लम्बी श्रृंखला है. यह बृहत हिमालय पर्वत श्रृंखला से सतलुज नदी के किनारे के नजदीक से फूटकर एक और चिनाब ओ दूसरी ओर रावी नदी तथा ब्यास नदी की जलधाराओं के बीच बंटवारे का काम करती है. रावी नदी के स्त्रोत के पास यह धौलाधार कि ओर झुकती है. पीरपंजाल श्रृंखला प्रदेश के मध्य  में उत्तर पूर्व में स्थित है. लाहौल के दक्षिण में इसका बड़ा भू-भाग बर्फ -रेखा से ऊपर उठ जाता है. रोहतांग और अन्य प्रसिद्ध दर्रे इस श्रृंखला में स्थित हैं. इसकी ऊँचाई समुद्र-तल से लगभग 3960 से 5470 मीटर तक है. हिमाचल में मानवीय निवास लगभग इस श्रृंखला के साथ समाप्त होता है.

श्रृखंला के प्रमुख स्थल

हिमाचल में यह श्रृंखला सतलुज कि घाटी से उठकर कुल्लू क्षेत्र को स्पीती क्षेत्र से अलग करती हुई पश्चिम कि ओर काँगड़ा कि उत्तरी सीमा बनाती है और चम्बा में जा निकलती है. यह रावी नदी के उद्गम स्थल के पास धौलाधार के आगे मुड़ती है. इस श्रृखंला के प्रमुख स्थल हैं जिला सिरमौर के पछाड़ व रेणुका तहसील, जिला मंडी के चच्योट व करसोग तहसील, जिला काँगड़ा के काँगड़ा तथा पालमपुर तहसील, जिला के उपरी भाग, उपरी शिमला पहाड़ियां तथा जिला चम्बा कि चुराह तहसील के उपरी भाग. शिमला के दक्षिण में स्थित उंची चोटी ‘चूढ़ धार’ (3647मी.) जिसे चूढ़ -चांदनी के नाम से जाना जाता है इसी क्षेत्र में स्थित है.

मध्य हिमालय की मिट्टी चिकनी, हल्की रेतीली तथा भूरे रंग कि है जो की बीज आलू तथा अन्य शितोषण फसलों के लिए उपयोगी होती है. इस प्रकार कि मिट्टी मुख्यत : पछाड़, रेणुका, अर्की, सोलन, जोगिन्दर नगर, काँगड़ा, पालमपुर, डलहोजी, चम्बा, उपरी भटियात तथा चुराह क्षत्रों में पायी जाती है.

Greater Himalya or Alpine Zone

Alpine zone is second mountain ranges in Himachal Pradesh

बृहद हिमालय :- समुद्रतल से इसकी ऊँचाई 5000 मीटर से 6000 मीटर तक है. इस क्षेत्र में वर्षा बहुत ही कम होती है. यह पर्वत श्रंखला हिमाचल प्रदेश कि पूर्वी सीमा के साथ-साथ चलती है. सतलुज का तंग रास्ता इसे काटता है. यह स्पीती के जल-निस्सारण को ब्यास नदी के जल-निस्सारण से अलग करती है. इस क्षेत्र का मौसम तथा मिट्टी सूखे फलों व फसलों के लिए उपयोगी है.

बृहत हिमालय में हिमपात सामान्यत: अक्टूबर माह के मध्य शुरू होता है तथा मार्च-अप्रैल तक जारी रहता है. इस समय पूरा क्षेत्र बाहरी दुनिया से कटा रहता है तथा जीवन एकाकी एवंम कटीला महसूस होता है. इस क्षेत्र के प्रसिद्ध दर्रे हैं-साच दर्रा, चिन्नी दर्रा, छबिया दर्रा और कुगटी दर्रा (चम्बा जिले में ), रोहतांग दर्रा, कुंजुम दर्रा तथा बारालाचा दर्रा (किन्नौर), हम्ता दर्रा,चंद्र्खेरनी दर्रा (लाहौल-स्पीती). प्रसिद्ध श्रंखला इसी क्षेत्र में पड़ती है. यह प्रदेश कि अंतिम और पूर्वतम पर्वत श्रंखला है जो स्पीती, किन्नौर और कश्मीर को तिब्बत से अलग करती है. सतलुज नदी इसे शिपकी दर्रे के पास काटती है.

बृहत हिमालय के दर्रे

बारालाचा दर्रा (किन्नौर), हम्ता दर्रा, चंद्र्खेरनी दर्रा (लाहौल-स्पीती). प्रसिद्ध श्रंखला इसी क्षेत्र में पड़ती है. यह प्रदेश कि अंतिम और पूर्वतम पर्वत श्रंखला है जो स्पीती, किन्नौर और कश्मीर को तिब्बत से अलग करती है. सतलुज नदी इसे शिपकी दर्रे के पास काटती है. प्रमुख हिमालय पर्वत श्रंखला और जाँसकर पर्वत श्रंखला के बीच किन्नर कैलाश चोटी (6500 मी.) में स्थित है. इस श्रंखला कि सभी चोटियां 6000 मी. से उंची हैं.

हिमाचल कि सबसे उंची पर्वत चोटी शिल्ला (7025 मी.) तथा रिब्बो फ्र्ग्योल (6791 मी.) इसी पर्वत श्रंखला में है. जाँसकर पर्वत श्रंखला और प्रमुख हिमालय पर्वत श्रंखला में अनेक हिम नदियां हैं. जैसे लाहौल में चंद्रा नदी कि पुष्टि  करने वाला ‘बड़ा शिगरी‘ हिमनद 25 किलोमीटर लम्बा है. कुल्लू में दुधोन पार्वती हिमनद 15 किलोमीटर लम्बा है. लाहौल में मुल्कीला और मियार हिमनद 12 किलोमीटर लम्बा है जो पार्वती नदी कि पुष्टि करता है. इसके आलावा अनेक 5 से 8 किलोमीटर लम्बे हिमनद हैं.

अनेक हिम नदियां हैं. जैसे लाहौल में चंद्रा नदी कि पुष्टि  करने वाला ‘बड़ा शिगरी‘ हिमनद 25 किलोमीटर लम्बा है. कुल्लू में दुधोन पार्वती हिमनद 15 किलोमीटर लम्बा है. लाहौल में मुल्कीला और मियार हिमनद 12 किलोमीटर लम्बा है जो पार्वती नदी कि पुष्टि करता है. इसके आलावा अनेक 5 से 8 किलोमीटर लम्बे हिमनद हैं.

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