Himachal Pradesh

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himachal pradesh map
himachal pradesh map

हिमाचल = हिम + अचल. हिम का अर्थ है बर्फ. अचल का अर्थ है पर्वत. Himachal Pradesh का शाब्दिक अर्थ है बर्फ का पर्वत. भोले -भाले लोगों से बसा हुआ संसार के रमणीय स्थानों में से एक. जो भी यहाँ आता है उसे एक अद्वितीय अनुभव की प्राप्ति होती है. हिमाचल को देव भूमि भी कहा जाता है . यहाँ के कण-कण में देवताओ का निवास है.

History of Himachal Pradesh

हिमाचल का इतिहास उतना ही पुराना है जितना मानव का इतिहास. हिमाचल की प्राचीनतम जातियों में कोल, निषाद, किन्नर, नाग और खश थी. एक दूसरी जाती किरात का भी उल्लेख मिलता है. ये लोग कोल जाती के बाद आये.महाभारत में किरातो को हिमालय की निवासी कहा गया है. ऋग्वेद में आर्य राजा दिवोदास तथा दस्यु राजा शम्बर के बीच चालीस वर्षों तक हुए युद्ध का उल्लेख मिलता है.

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Formation of Himachal Pradesh

15 अगस्त, 1947 को भारत वर्ष की स्वतंत्रता के पश्चात 15 अप्रैल, 1948 को 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों को मिला के हिमाचल का ‘सी’ राज्य के रूप में गठन किया गया. 1950 मे इसे केन्द्र शासित प्रदेश बनाया गया. 1954 में बिलासपुर रियासत को भी हिमाचल में मिला दिया गया. 1 नवंबर, 1966 को पंजाब के पहाड़ी क्षेत्र कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और लाहौल -स्पीती आदि को भी इसमें सम्मिलित कर दिया गया.1971 मे इसे, हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम-1971 के अन्तर्गत 25 जनवरी, 1971 को भारत का अठारहवाँ राज्य बनाया गया।

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Geography of Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति है 33 degree 22″ से 33 degree 12″ उत्तरी अक्षांश तथा 75 degree 47″ से 79 degree 4″ पूर्वी देशांतर हिमाचल प्रदेश उत्तर में जम्मू कश्मीर, पश्चिम में पंजाब, दक्षिण में हरियाणा , दक्षिण-पूर्व में उतराखंड तथा पूर्व में तिब्बत से घिरा हुआ है. हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल 55673 वर्ग कि. मी. है.

Mountain Ranges of Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश में मुख्यरूप से 3 पर्वत श्रृंखलाओं में बांटा जाता है.

शिवालिक या लघु हिमालय :- इसका पुराना नाम मैनाक पर्वत था . समुद्रतल से इसकी ऊँचाई 350 मीटर से 1500 मीटर तक है. इस क्षेत्र में औसतन वर्षा 1500 मिलीमीटर से 1800 मिलीमीटर तक होती है.

मध्य हिमालय :- समुद्रतल से इसकी ऊँचाई 1500 मीटर से 4500 मीटर अर्थात 4500 फुट से 13500 फुट है.धौलाधार तथा पीरपंजाल इस क्षेत्र की पर्मुख श्रृंखलाएं हैं.

बृहद हिमालय :- समुद्रतल से इसकी ऊँचाई 5000 मीटर से 6000 मीटर तक है.इस क्षेत्र में वर्षा बहुत ही कम होती है.

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Rivers of Himachal Pradesh

Satluj River

सतलुज नदी तिब्बत के मानसरोवर से निकलती है. हिमाचल में यह शिपकी में प्रवेश करती है. वेदों में सतलुज को शुतुद्रि लिखा गया है.संस्कृत में इसे शुतद्रू लिखा गया है. सतलुज हिमाचल में कुल 320 की. मी. का सफ़र तय करती है.

Byas River

ब्यास नदी रोहतांग पास से निकलती है.वेदों में ब्यास का नाम अर्जिकिया तथा संस्कृत में विपाशा लिखा गया है. ब्यास रोहतांग के समीप ब्यास कुण्ड से निकलती है. पार्वती, स्पिन, मलाना नाला, बिनवा, नयूगल, बाणगंगा, गाज, चक्की, इसकी कुछ सहायक नदियाँ हैं.

Chenab River

चिनाब, चन्द्र तथा भागा दो नदियों के मिलने से बनी बनी है. चन्द्र – भागा तांदी नामक स्थान पट मिलती है. घनत्व की दृष्टि से यह प्रदेश की सब से बड़ी नदी है. वेदों में ब्यास को असिकनी नाम से वर्णित किया जाता है.

Raavi River

रावी का उद्गम स्थल बड़ा भंगाल है. वेदों में रावी को नाम परुशनी और संस्कृत में ईरावती के नाम से विख्यात है. बुधिल, सिउल रावी की सहायक नदियाँ हैं.

Yamuna River

यमुना उतराखंड के यमुनोत्री से निकलती है.वेदों में इसे कालिंदी नाम से जाना जाता है. पब्बर, गिरी, टौंस, तथा बाटा इसकी सहायक नदियाँ हैं.

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Lakes of Himachal Pradesh

हिमाचल की सुन्दरता में चार चाँद लगाती हैं उसमे स्थित झीलें. हिमाचल में प्राकृतिक तथा मानव निर्मित दोनों ही प्रकार की झीलें हैं.

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Hot Water Springs of Himachal Pradesh

हिमाचल के कई स्थानों में गर्म पानी के चश्मे पाए जाते हैं. इन में से अधिकतर चश्मे लोगों की आस्था के केंद्र हैं. माना जाता है इन चश्मों में नहाने से कई प्रकार के चमड़ी रोग दूर होते हैं. मणिकर्ण, तत्तापानी, कुछ इसे ही प्रख्यात गर्म पानी के  चश्में हैं.

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Valleys of Himachal Pradesh

हिमाचल की घाटियाँ इसकी सुन्दरता और ज्यादा बाधा देती हैं. मंडी की बल्ह घाटी , सतलुज घटी क्यारदा दून घाटी, तथा कुल्लू घाटी, कांगड़ा घाटी, बड़ा भंगाल घाटी इत्यादि हिमाचल की बहुत ही समृद्ध घाटियाँ हैं

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Mountain Peaks of Himachal Pradesh

हिमाचल में बहुत सी चोटियाँ हैं. चोलांग सब से छोटी तथा शिला हिमाचल की सब से ऊँची छोटी है . इसकी समुद्रतल से ऊँचाई 7025 मी. है.

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Passes and Jots of Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश में अनेक दर्रे हैं. चरवाहे भेड़-बकरियों सहित इन दर्रों से आते जाते रहते हैं. शीत ऋतू में बर्फ की अधिकत्ता के कारण ये बंद रहते हैं.अप्रैल से अक्तूबर तक ये खुले रहते हैं. रोहतांग दर्रा पर्यटन की दृष्टि से विश्व प्रसिद्ध है.रोहतांग की समुद्र तल से ऊँचाई 3978 मी. है.

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Glaciers of Himachal Pradesh

प्रदेश में कई बड़े गलेशियर हैं. चिनाव नदी प्रदेश के सब से बड़े गलेशियर बड़ा शिगड़ी से निकलती है. चंद्रा, भादल, ब्यास कुण्ड हिमाचल के कुछ विख्यात ग्लेशियर हैं.

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